नई दिल्ली: फेसबुक पर कटाक्ष करते हुए स्वीडीश म्यूजिक स्ट्रीमिंग कंपनी स्पोटिफाई, अपने प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाकर ट्विटर और गूगल जैसे तकनीकी फर्मों की कतार में शामिल हो गया है। वहीं फेसबुक ने अभी तक राजनीतिक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। स्पोटिफाई ने कहा कि उन्होंने अनिश्चितकाल के लिए राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगाया है।
कंपनी ने व्यापार प्रकाशन एड एज को दिए एक बयान में कहा, "इस समय हमारे पास, हमारी प्रक्रिया, सिस्टम और टूल्स में उस तरह के आवश्यक स्तर की दृढ़ता नहीं है, जिससे हम ऐसे कंटेंट की समीक्षा कर सकें।"
उन्होंने आगे कहा, "हम अपने इस निर्णय पर पुन: मूल्यांकन कर सकते हैं, क्योंकि हमने अपनी क्षमताओं को विकसित करना जारी रखा है।"
स्पोटिफाई के 24.8 करोड़ यूजर्स हैं, जिसमें 79 मार्केट के 11.3 करोड़ सब्सक्राइबर्स शामिल है और यह ऑरिजनल और एक्सक्यूसिव पोडकास्ट जैसे 'द जो बडेन पोडकास्ट' और 'एमी शूमर प्रेजेंट्स' उपलब्ध कराता है।
इस फैसले के साथ ही स्पोटिफाई, ट्विटर और गूगल जैसे टेक कंपनी की कतार में खड़ा हो गया है, जिन्होंने 2020 के राष्ट्रपति के चुनाव में फूट डालने के लिए गलत जानकारियों को अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिबंधित कर दिया है।
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