नई दिल्ली: अगर अपने मौजूदा मोबाइल नंबर से परेशान हो गए हैं और उसकी जगह दूसरी कंपनी का नंबर लेना चाहते हैं तो अब इस प्रक्रिया को पहले से और आसान कर दिया गया है। दरअसल टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के पूरे प्रोसेस को पहले से और आसान कर दिया है।
ट्राई का कहना है कि पोर्टिंग से जुड़ी रिक्वेस्ट को पूरा करने के लिए इंट्रा-लाइसेंस्ड सर्विस नंबर्स के लिए 2 दिन की समय सीमा तय किया गया है। ट्राई ने कहा है कि एक सर्किल से दूसरे सर्किल वाली पोर्ट रिक्वेस्ट के लिए समय सीमा को घटाकर 4 दिन कर दिया गया है। पहले इस कार्य के लिए 15 दिन का समय लगता था।
इसके साथ ही यूनीक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) की वैधता में भी बदलाव किया गया है। पहले 15 दिन थी, जिसे अब 4 दिन कर दिया गया है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के लिए यूनीक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) की वैलिडिटी में बदलाव नहीं किया गया है। टेक्स्ट मैसेज (SMS) के जरिए पोर्टिंग रिक्वेस्ट को वापस लेने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाया गया है। कॉरपोरेट पोर्टिंग के मामलों के लिए सिंगल अर्थोराइजेशन लेटर की मौजूदा 50 नंबरों की सीमा को बढ़ाकर 100 नंबर कर दिया गया है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2GiooLT