नई दिल्ली: अगर आपका स्मार्टफोन अचानक स्लो हो गया है, पहले से ज्यादा गर्म भी होने लगा है और बैटरी भी जल्द ही खत्म हो जा रही है तो यह खबर आपके काम की है। अभी कई स्मार्टफोन्स में नए तरह का साइबर हमला देखने को मिल रहा है। इस नए साइबर हमले का नाम क्रिप्टोजैकिंग है। इस हमले के जरिए हैकर्स आपके स्मार्टफोन की मदद से अपना काम आसान बनाते हैं। ऐसे में आपका स्मार्टफोन तो आपके पास ही होता है लेकिन इसका उपयोग कोई और ही करता है।
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क्या है क्रिप्टोजैकिंग
यह नए तरह का साइबर हमला है जिसके प्रभाव में स्मार्टफोन्स आते हैं। अगर एक बार आपके फोन में ऐसा हमला होता है तो हो सकता है कि क्रिप्टो करेंसियों की ‘माइनिंग’ में उसे इस्तेमाल किया जा रहा हो। यहां माइनिंग का मतलब होता है कि इससे किसी वर्चुअल करेंसी के लेन देन की प्रक्रिया को आसान बनाया जाता है। क्रिप्टोजैकिंग के शिकार लोगों को लालच देने के लिए हैकर्स यूनानी पौराणिक कथाओं के ट्रोजन हॉर्स सबटरफ्यूज के डिजिटल जगत के समकक्ष का सहारा लेते हैं। इसमें आकर्षित दिखने वाले ऐप्स का सहारा लिया जाता है। इसके लिए गेम ऐप्स का सहारा लिया जाता है।
इस साइबर हमले को लेकर वेभस्टोन कंपनी के विशेषज्ञ जेरोम बिलॉइस ने कहा कि इसमें किसी इंटरनेट सर्वर, किसी पर्सनल कंप्यूटर या किसी स्मार्टफोन को अपने जाल में फंसाया जाता है ताकि क्रिप्टो करेंसियों की माइनिंग के लिए ‘मैलवेयर’ डाला जा सके। माइनिंग को चलाने के लिए हजारों प्रोसेसर एक साथ जोड़े जाते हैं ताकि क्रिप्टो करेंसियों को ज्यादा से ज्यादा कंप्यूटिंग पॉवर मिल सके। बिटकॉइन, एथेरियम, मोनेरो और अन्य क्रिप्टो करेंसियों की माइनिंग काफी मुनाफेदार हो सकती है, लेकिन इसमें काफी निवेश की जरूरत होती है और बिजली के बिल बहुत ज्यादा आते हैं।
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